Saturday, April 11, 2026

सरफिरे लोग हमें दुश्मन-ए-जां कहते हैं


 

सरफिरे लोग हमें दुश्मन-ए-जां कहते हैं
हम जो इस मुल्क की मिट्टी को भी माँ कहते हैं ।

यह शेर मुनव्वर राना की एक बहुत ही लोकप्रिय रचना है, जो देशप्रेम और वतन के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाती है।


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