इसलिए वे भ्रम किराए पर लेते हैं
और उसे खुशी कहते हैं।
- जन्म और परिवार: काफ़्का का जन्म 3 जुलाई 1883 को प्राग के एक मध्यमवर्गीय यहूदी परिवार में हुआ था।
- शिक्षा और पेशा: उन्होंने कानून की पढ़ाई की और 1907 से 1922 तक बीमा कंपनियों में क्लर्क के रूप में काम किया, जिसे वे अपने लेखन के लिए एक बोझ मानते थे।
- लेखन शैली: उनकी रचनाओं में अस्तित्वगत भय, अपराध-बोध और व्यक्तिगत अलगाव (alienation) मुख्य विषय थे।
- प्रमुख रचनाएँ: द मेटामॉर्फोसिस (Die Verwandlung), द ट्रायल (Der Process), और द कासल (Das Schloss)।
- निजी जीवन और संघर्ष: उनका अपने पिता के साथ संबंध तनावपूर्ण था, जिसे उन्होंने लेटर टू हिज फादर (Letter to His Father) में व्यक्त किया। वे उम्र भर आत्म-संदेह से ग्रस्त रहे।
- मृत्यु: 3 जून 1924 को क्षय रोग (Tuberculosis) के कारण वियना के पास उनकी मृत्यु हो गई।
- द मेटामॉर्फोसिस (The Metamorphosis - 1915): यह लघु उपन्यास उनकी सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है, जिसमें मुख्य पात्र ग्रेगोर सैमसा एक कीड़े में बदल जाता है।
- द ट्रायल (The Trial - 1925): यह एक उपन्यास है जो एक ऐसे व्यक्ति की कहानी बताता है जिसे किसी अज्ञात अपराध के लिए गिरफ्तार किया जाता है।
- द कैसल (The Castle - 1926): इस उपन्यास में भी एक अनाम नायक की संघर्षमय यात्रा को दर्शाया गया है।
- छोटी कहानियाँ और सूक्तियाँ: काफ्का अपनी छोटी कहानियों के लिए भी प्रसिद्ध हैं, जो उनके लंबे कार्यों के समान ही गंभीर विषयों को हास्य के साथ प्रस्तुत करती हैं।










