शर्मिंदगी है हम को बहुत हम मिले तुम्हें
तुम सर-ब-सर खुशी थे मगर ग़म मिले तुम्हें ।
जौन एलिया ✍️
जौन एलिया की इस प्रसिद्ध पंक्ति का अर्थ है कि शायर को इस बात का बहुत अफ़सोस (शर्मिंदगी) है कि उनके प्रियतम (जो स्वयं में संपूर्ण खुशी थे) को वे (शायर) मिले, क्योंकि शायर ने उन्हें खुशी के बजाय केवल ग़म, दुःख और तन्हाई दी।
विस्तृत अर्थ:
शर्मिंदगी है हम को बहुत हम मिले तुम्हें: शायर अपनी मोहब्बत की नाकामी पर शर्मिंदा हैं कि वे अपने साथी को वो खुशियां नहीं दे पाए, जिसके वे हकदार थे।
तुम सर-ब-सर खुशी थे मगर ग़म मिले तुम्हें: इसका मतलब है कि तुम पूरी तरह से (सर-ब-सर) ख़ुशी और मासूमियत का रूप थे, लेकिन तुम्हें बदले में सिर्फ मेरे द्वारा दिए गए गम (दुःख) ही मिले।
भावार्थ: यह शेर निराशा और आत्म-बोध (Self-realization) का है, जिसमें शायर को महसूस होता है कि वह अपने साथी के जीवन में सकारात्मकता लाने के बजाय उनके जीवन में दुखों का कारण बना।










