Wednesday, April 22, 2026

सामने थे हथियार बहुत




 काजल आँखें, होंठ गुलाबी, ज़ुल्फ़ असीरी, गाल पे तिल,
दिल ना देते, तो जान से जाते, सामने थे हथियार बहुत । 


यह पंक्तियाँ एक रोमांटिक शायरी हैं जो किसी के सौंदर्य का वर्णन करती हैं और कहती हैं कि उस सुंदरता के आगे हथियार भी बेअसर हैं, अर्थात वह सुंदरता जानलेवा है। 

अर्थ:

काजल आंखें, होंठ गुलाबी, ज़ुल्फ़ असीरी, गाल पे तिल: यह प्रेमिका/प्रेमी के रूप का वर्णन है- गहरी काजल लगी आँखें, गुलाबी होंठ, कैदी (असीरी) जैसी उलझी ज़ुल्फ़ें, और गाल पर तिल जो सुंदरता बढ़ाता है।
दिल न देते, जान से जाते: इसका अर्थ है कि यदि मैंने उन्हें अपना दिल न दिया होता, तो मैं उनकी खूबसूरती के सदमे या प्यार में जान से चला जाता (मतलब बचना नामुमकिन था)।
सामने थे हथियार बहुत: जब वे सामने आए, तो उनके रूप के सामने साधारण हथियार या कोई और ताकत फीकी पड़ गई। 

पूरा भाव: उनकी खूबसूरती इतनी मोहक और जानलेवा है कि सामने वाले के पास न हार मानने के सिवा कोई चारा नहीं है।



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