तुम्हारी याद में जीने की आरज़ू है अभी,
कुछ अपना हाल संभालू, अगर इजाज़त हो।
तुम्हारा हिजर मना लूं,अगर इजाज़त हो,
मैं दिल किसी से लगा लूं, अगर इजाज़त हो।
जानिए उस से निभेगी किस तरह,
वो ख़ुदा है, मैं तो बंदा भी नहीं।
उसने गोया मुझी को याद रखा,
मैं भी गोया, उसी को भूल गया।
-'जाॅन एलिया
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