शायर हैं आप यानि कि सस्ते लतीफ़ गो,
रिश्तों को दिल से रोइए, सब को हंसाइए।
जो हालातों का दौर था वो तो गुज़र गया,
दिल को जला चुके हैं,सो अब घर जलाइए।
अब क्या फ़रेब दीजिए और किस को दीजीए,
अब क्या फ़रेब खाइए, और किस से खाइए।
है याद पर मदार मेरे कारोबार का,
है अर्ज़ आप मुझ को बहुत याद आइए।
बस फ़ाइलों का बोझ उठाया करें जनाब,
मिसरा यह "जौन" का है इसे मत उठाइये।
जौन एलिया ✍️
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