Tuesday, March 31, 2026

बीमार को मरज़ की दवा देनी चाहिए

बीमार को मरज़ की दवा देनी चाहिए 
मैं पीना चाहता हूँ पिला देनी चाहिए

अल्लाह बरकतों से नवाज़ेगा इश्क़ में 
है जितनी पूँजी पास लगा देनी चाहिए

दिल भी किसी फ़क़ीर के हुजरे से कम नहीं 
दुनिया यहीं पे ला के छुपा देनी चाहिए

मैं खुद भी करना चाहता हूँ अपना सामना 
तुझ को भी अब नक़ाब उठा देनी चाहिए

मैं फूल हूँ तो फूल को गुल-दान हो नसीब 
मैं आग हूँ तो आग बुझा देनी चाहिए ।


राहत इंदौरी ✍️

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