Monday, August 15, 2022
मन की राहें
जिंदगी के रास्ते
सुनसान हैं... अंधेरे हैं.... शमशान हैं
मन की राहें.... जंगल बियाबान हैं
जाए तो जाए कहाँ
आंसुओं की नहीं समझता कोई यहाँ जुबां है....!!
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