न जाने कौन था वो
जो मेरे अनसुलझे सवालों के जवाब दे गया
मेरी बेहिसाब खवाहिशों को एक हिसाब दे गया है
उम्र भर के लिए
मेरी आँखों में एक ख़्वाब दे गया
दरवेश सा फक्कड़ सा था वो
अजनबी था
मगर अपना सा था वो...!!
जो मेरे अनसुलझे सवालों के जवाब दे गया
मेरी बेहिसाब खवाहिशों को एक हिसाब दे गया है
उम्र भर के लिए
मेरी आँखों में एक ख़्वाब दे गया
दरवेश सा फक्कड़ सा था वो
अजनबी था
मगर अपना सा था वो...!!


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