जैसे मृत्यु आती है बिन बताएऔर ठंडी पड़ जाती है पूरी देहतुम भी आनाअपनी स्मृतियों मेंठीक उसी तरहठंडी पड़ी देह को एक गर्माहट देनेहमें यह भ्रम तोड़ना होगा किदेह का ठंडा पड़ जाना ही नहीं होतामृत्यु का मात्र एक कारण।
आदित्य रहबर ✍️
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