Tuesday, February 24, 2026

दिन भी यहां तो लगे बरस के समान...



दिन भी
यहाँ तो लगे 
बरस के समान
हमें इंतज़ार कितना 
ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते
तुम्हारे बिना...!!


             मजरूह सुलानपुरी✍️

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